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कोरबा। करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली बालको वेदांता एक बार फिर अपनी कथित लापरवाही और सामाजिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने के आरोपों के चलते लोगों के निशाने पर है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदर्शन के अगले ही दिन मंगलवार को युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने भी बालको प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। परसाभाठा से लेकर मेजर ध्यानचंद चौक तक की जर्जर सड़क और बदहाल पुल की मरम्मत की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने आर्थिक नाकेबंदी करते हुए बालको के कोयला और राखड़ परिवहन को कुछ समय के लिए बाधित कर दिया। इस दौरान सड़क पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया गया।तेज बारिश के बावजूद युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और बालको प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से परसाभाठा से मेजर ध्यानचंद चौक तक की सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। जगह-जगह बड़े गड्ढे, जलभराव और जर्जर पुल के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन बालको प्रबंधन इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सड़क और पुल की मरम्मत शुरू नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक ओर बालको वेदांता क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर हर साल हजारों करोड़ रुपये का कारोबार कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को सुरक्षित सड़क, मजबूत पुल और मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। वर्षों से सड़क और पुल की हालत बद से बदतर बनी हुई है, जिसका खामियाजा रोजाना स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कंपनी अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।युवा कांग्रेस के जिला महामंत्री मधुसूदन दास ने कहा कि उद्योग चलाना जरूरी है, लेकिन आम लोगों की जान जोखिम में डालकर मुनाफा कमाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि सड़क और पुल की मरम्मत वर्षों से लंबित है, जबकि लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बालको प्रबंधन स्थानीय जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील बना हुआ है।युवा कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सड़क और पुल की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हजारों कार्यकर्ता बालको के तीनों मुख्य गेटों पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आंदोलन के कारण कोयला परिवहन या औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बालको प्रबंधन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि अब जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा और बालको को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन हर हाल में करना होगा।
