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जिले के अदानी पावर प्लांट में श्रमिकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पिछले तीन दिनों से जारी हड़ताल मंगलवार को और उग्र हो गई, जब हजारों श्रमिकों ने एकजुट होकर काम करने से साफ इनकार कर दिया। बड़ी संख्या में मजदूर प्लांट के बाहर डटे रहे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। श्रमिकों का आरोप है कि उनसे प्रतिदिन 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे का ही किया जाता है। इस असमानता को लेकर मजदूरों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार प्रबंधन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, जिससे अंततः उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। प्रशासन की निगरानी में कुछ श्रमिकों को प्लांट के अंदर जाने की अनुमति दी गई, जबकि अधिकांश हड़ताली मजदूर बाहर रहकर ही विरोध जताते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्लांट परिसर के आसपास पुलिस की सतर्क तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।वहीं, श्रमिक संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सबकी नजरें प्लांट प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह श्रमिकों की मांगों को लेकर क्या रुख अपनाता है। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में औद्योगिक माहौल को प्रभावित कर दिया है।
