views
कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी ने ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की मान्यता पर सवाल उठाते हुए नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने दो दिन के भीतर स्कूल प्रबंधन को दस्तावेज जमा करने को कहा है। आपको बता दें कि अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।
कोरबा 19 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। बिलासपुर से शुरू हुई ब्रिलिएंट स्कूल की जांच का दायरा अब कोरबा तक पहुंच गया है, जहां जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने संबंधित स्कूल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जानकारी के अनुसार, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की कोरबा शाखा में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों ने इस मामले को लेकर कलेक्टर से शिकायत की थी।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने बच्चों को सीबीएसई (CBSE) बोर्ड से संबद्ध होने का दावा करते हुए प्रवेश दिया और उसी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई एवं परीक्षा भी कराई। लेकिन अब अचानक स्कूल प्रबंधन बच्चों को छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्यक्रम के अनुसार दोबारा परीक्षा देने के लिए बाध्य कर रहा है।अभिभावकों का कहना है कि यह बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
उनका तर्क है कि बच्चों ने पूरे वर्ष सीबीएसई सिलेबस के तहत पढ़ाई की है, ऐसे में अब पाठ्यक्रम बदलकर परीक्षा देने का दबाव अनुचित है और इससे छात्रों पर मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा ने 18 मार्च 2026 को स्कूल के प्राचार्य को नोटिस जारी किया। नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि स्कूल सीबीएसई बोर्ड से प्राप्त मान्यता से संबंधित सभी दस्तावेज दो कार्य दिवस के भीतर प्रस्तुत करे।
अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।इस विवाद ने राजनीतिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
